AwazBharti
technology

Microsoft AI Controversy: इजरायल-गाजा युद्ध के बीच Microsoft विवादों में, कर्मचारी ने दिया इस्तीफा

a

arvind sahu

Tuesday, June 30, 2026

Microsoft AI Controversy: इजरायल-गाजा युद्ध के बीच Microsoft विवादों में, कर्मचारी ने दिया इस्तीफा

Microsoft AI Controversy: दिग्गज टेक कंपनी Microsoft के खिलाफ उसके एक कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी का दावा है कि कंपनी की क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेवाओं का इस्तेमाल इजरायल द्वारा गाजा में चलाए जा रहे सैन्य अभियानों में किया जा रहा है। इन आरोपों के साथ कर्मचारी ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया, जिससे यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

इस्तीफे से पहले ईमेल में शेयर की जानकारी

रिपोर्ट के अनुसार, 6 जून को 'नूर' (Nour) नाम से पहचान रखने वाले माइक्रोसॉफ्ट के एक कर्मचारी ने इस्तीफा देने के साथ ही यूरोप में कार्यरत हजारों सहकर्मियों को एक ईमेल भेजा। इस ईमेल में उसके द्वारा आरोप लगाया गया कि कंपनी की क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेवाओं का इस्तेमाल इजरायल गाजा में अपने सैन्य अभियानों के दौरान कर रहा है। बाद में इस ईमेल को No Azure for Apartheid (NOAA) नामक कर्मचारी समूह ने सार्वजनिक कर दिया।

अपने ईमेल में 'नूर' ने अगस्त 2025 में प्रकाशित एक जांच रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। नूर ने दावा किया कि रिपोर्ट के अनुसार इजरायल की खुफिया इकाई Unit 8200 ने माइक्रोसॉफ्ट के Azure क्लाउड प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए बड़ी मात्रा में फिलिस्तीनियों की इंटरसेप्ट की गई फोन कॉल से संबंधित डेटा को संग्रहीत किया था। जिसके बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

इजरायल- फिलिस्तीन के बीच लंबे समय से संघर्ष

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष कई दशकों से जारी है। यह विवाद भूमि, सीमाओं, सुरक्षा और राजनीतिक अधिकारों जैसे कई जटिल मुद्दों से जुड़ा हुआ है। हाल के वर्षों में गाजा को लेकर दोनों पक्षों के बीच संघर्ष और अधिक तीव्र हुआ है, जिसमें हजारों लोगों की जान गई है और बड़े पैमाने पर मानवीय संकट पैदा हुआ है। इसी युद्ध के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड तकनीक के संभावित सैन्य उपयोग को लेकर भी वैश्विक स्तर पर बहस तेज हुई है। माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोप भी इसी व्यापक विवाद और तकनीकी कंपनियों की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच सामने आए हैं।

माइक्रोसॉफ्ट ने आरोपों का किया खंडन

वहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने कर्मचारी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि उसकी आंतरिक समीक्षा में ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया, जिससे यह साबित हो कि Azure क्लाउड सेवाओं का उपयोग लोगों को नुकसान पहुंचाने या नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए किया गया हो। माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसे अपनी तकनीक के नागरिकों की निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने की कोई जानकारी नहीं थी। कंपनी के अनुसार, वह ऐसी किसी भी तकनीक का विकास या उपलब्धता नहीं कराती, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों की सामूहिक निगरानी को बढ़ावा देना हो।