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E-Rickshaw Battery Lock App: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से ई-रिक्शा सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

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arvind sahu

Friday, July 3, 2026

E-Rickshaw Battery Lock App: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से ई-रिक्शा सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

E-Rickshaw Battery Lock App: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक मोबाइल ऐप की मदद से सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा की लिथियम बैटरी के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से कनेक्ट होकर वाहन को दूर से ही लॉक या रोक दिया जा सकता है। वीडियो में इस्तेमाल किए जा रहे ऐप का नाम 'BAT/BMS' बताया जा रहा है। साथ ही यह दावा भी किया जा रहा है कि इस ऐप को चीन में विकसित किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।

हर निर्माता का अलग BMS और मोबाइल ऐप

अब जब इस मामले को लेकर सोशल मीडिया में जमकर वीडियो वायरल होने लगे तो इसे लेकर कई मीडिया रिपोर्टर इसकी सत्यता की जांच की पुष्टि करने के लिये एक्सपर्ट से राय लेने पहुचें क्योंकि यह देश के करोड़ो नागरिकों की सुरक्षा का सवाल था। ऐसे में एक्सपर्ट ने उक्त वीडियों की सत्यता में सवाल खड़े किये क्योंकि उनकी जानकारी के मुताबिक ज्यादातार ई- रिक्शा भारत में लिथियम बैटरी वाले कई ई-रिक्शा निर्माता कंपनी अपनी अलग-अलग बैटरी मैनेजमेंट तकनीक और अलग मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते है। इन्हें इस ऐप से कनेक्ट नहीं किया जा सकता। हां कुछ कमजोर बैटरी वाले ई-रिक्शा में ऐसा संभव है।

साइबर हमले से इंकार

विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल वीडियो को साइबर हमले या किसी बड़े सुरक्षा खतरे से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। उनके अनुसार, यदि किसी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) को उसके अधिकृत मोबाइल ऐप के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है, तो यह उसी निर्माता द्वारा उपलब्ध कराई गई तकनीकी सुविधा का हिस्सा होता है, न कि किसी हैकिंग या साइबर अटैक का परिणाम। ऐसे में बिना तकनीकी जांच के किसी भी वायरल वीडियो के आधार पर साइबर हमले का दावा करना उचित नहीं माना जा सकता।

पड़ताल में क्या सामने आया?

वायरल दावे की पड़ताल के दौरान संबंधित मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर इसकी कार्यप्रणाली समझने का प्रयास किया गया। परीक्षण के दौरान ऐप पर आसपास मौजूद कुछ ब्लूटूथ डिवाइस दिखाई दिए, लेकिन उनसे कनेक्ट होने के बाद भी किसी ई-रिक्शा की बैटरी को बंद या वाहन को तुरंत रोकने जैसा कोई स्पष्ट विकल्प उपलब्ध नहीं मिला।

तकनीकी जानकारों के अनुसार, यह ऐप बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़ा होता है और केवल उन्हीं लिथियम बैटरियों के साथ काम करता है, जिनमें संबंधित कंपनी का BMS और ब्लूटूथ मॉड्यूल पहले से मौजूद हो। ऐसे में यह दावा सही नहीं माना जा सकता कि इस एक ऐप के जरिए सभी ई-रिक्शा को नियंत्रित या लॉक किया जा सकता है। इसकी कार्यक्षमता संबंधित बैटरी निर्माता की तकनीक और सिस्टम पर निर्भर करती है।