Trump Iran News: 'मेरी हत्या हुई तो ईरान को भारी कीमत चुकानी होगी', ट्रंप का बड़ा बयान
arvind sahu
Saturday, July 11, 2026

Trump Iran News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों को लेकर अक्सर वैश्विक राजनीति में चर्चा का केंद्र बने रहते हैं। चाहे भारत-पाकिस्तान विवाद हो या इटली की प्रधानमंत्री से जुड़ा कथित 'सेल्फी विवाद', ट्रंप किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बने ही रहते हैं। जैसा कि कहा जाता है, "क्या हुआ जो बदनाम हुए, नाम तो हुआ; बदनाम न होते तो गुमनाम होते।" कुछ ऐसा ही अंदाज ट्रंप की राजनीतिक शैली में भी देखने को मिलता है। इसी क्रम में उन्होंने एक बार फिर न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में ईरान को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि यदि ईरान उनकी हत्या करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ इतनी कड़ी जवाबी कार्रवाई होगी कि उसे वैश्विक मानचित्र से मिटाया जा सकता है। यही बयान अब दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बम से उड़ा दिया जायेगा ईरान
साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा,"अगर मेरी हत्या होती है तो ईरान को करारा जवाब देना।" उन्हें कथित रूप में सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिये हुए है कि अगर उनकी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक बार फिर सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिका को आगाह किया है कि ईरान कथित तौर पर ट्रंप की हत्या की नई साजिश पर काम कर रहा है। इसी बीच ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि यदि उनकी हत्या होती है, तो उन्होंने पहले ही ऐसी जवाबी कार्रवाई के निर्देश दे रखे हैं, जो ईरान के लिए बेहद गंभीर साबित होगी। ट्रंप के इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
ईरान के साथ संघर्ष खत्म नहीं
इधर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरान के खिलाफ कड़ा रुख दोहराते हुए स्पष्ट संकेत दिए हैं कि संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु और सैन्य कार्यक्रमों से उत्पन्न खतरे को इजरायल नजरअंदाज नहीं करेगा। नेतन्याहू का कहना है कि यदि परिस्थितियां बनीं, तो इजरायल आगे भी कठोर सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका, विशेषकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिलने पर ईरान के खिलाफ और बड़े कदम उठाए जा सकते हैं। ऐसे बयानों के बीच पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
भारत में संघर्ष से प्रभाव
यदि ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर पड़ सकता है। चूंकि दुनिया के बड़े हिस्से तक कच्चे तेल और ऊर्जा संसाधनों की समुद्री आपूर्ति हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है, इसलिए किसी भी सैन्य संघर्ष का सबसे अधिक प्रभाव इसी मार्ग पर देखने को मिलता है। इस क्षेत्र पर ईरान का रणनीतिक प्रभाव माना जाता है और तनाव की स्थिति में वह इस मार्ग पर सैन्य गतिविधियां बढ़ा सकता है या जहाजों की आवाजाही को प्रभावित कर सकता है। ऐसी स्थिति में तेल, एलएनजी और अन्य ऊर्जा संसाधनों की वैश्विक आपूर्ति बाधित होने लगती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ जाती हैं। भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देश में इसका सीधा असर एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता तथा कीमतों पर पड़ सकता है।