TMC Accounts Freeze: ममता बनर्जी की TMC को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, तीन बैंक खातों से निकासी की मंजूरी
arvind sahu
Thursday, July 9, 2026

TMC Accounts Freeze: पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी झटकों के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर राजनीतिक और कानूनी दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। राज्य में भाजपा के बढ़ते प्रभाव के बीच टीएमसी और उससे जुड़े कुछ नेताओं के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच भी तेज हुई है। इसी क्रम में अपराध से जुड़ी कथित रकम के लेनदेन की शिकायत के आधार पर 18 जून को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने टीएमसी से जुड़े तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए पार्टी कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंची, जहां अदालत ने टीएमसी को अंतरिम राहत देते हुए रोजमर्रा के आवश्यक खर्चों के लिए इन तीनों खातों से धन निकासी की अनुमति दे दी। हालांकि, अदालत ने यह अनुमति कुछ निर्धारित शर्तों और एक स्पेशल ऑफिसर की निगरानी में दी है।
खर्चों के देखरेख के लिये ऑफिसर नियुक्त
कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले में अंतरिम व्यवस्था करते हुए अपने सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार को 30 सितंबर 2026 तक स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया है। अदालत के निर्देशों के अनुसार, टीएमसी के तीनों बैंक खातों से होने वाली निकासी स्पेशल ऑफिसर की निगरानी में होगी। पार्टी के दो अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता उनके समक्ष चेक प्रस्तुत करेंगे, जिसके सत्यापन के बाद ही उन्हें भुगतान के लिए संबंधित बैंक को भेजा जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इन खातों का उपयोग केवल पार्टी के नियमित और दैनिक प्रशासनिक खर्चों के लिए ही किया जा सकेगा।
1.25 करोड़ रुपये का मासिक भुगतान
कलकत्ता हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर 2026 तक नियुक्त स्पेशल ऑफिसर के पारिश्रमिक और उनसे जुड़े प्रशासनिक खर्च का वहन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) करेगी। अदालत के निर्देशानुसार, स्पेशल ऑफिसर को प्रति माह 1.25 करोड़ रुपये का भुगतान पार्टी की ओर से किया जाएगा। यही अधिकारी पार्टी के फ्रीज किए गए बैंक खातों से होने वाली निकासी और दैनिक खर्चों की निगरानी करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि धन का उपयोग केवल अदालत द्वारा निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जाए।

गौरतलब हो, तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी आंतरिक विवाद भी इस पूरे मामले की अहम कड़ी माना जा रहा है। पार्टी फिलहाल दो धड़ों में बंटी हुई बताई जा रही है, जिनमें एक गुट का नेतृत्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दूसरे का नेतृत्व विपक्ष के नेता ऋतबत बनर्जी कर रहे हैं। बागी गुट से जुड़े 10 विधायकों और पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने आरोप लगाया कि एचडीएफसी बैंक में टीएमसी के तीन खातों में जमा लगभग 440 करोड़ रुपये में कथित अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी रकम शामिल हो सकती है।
इसी शिकायत के आधार पर बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच के दौरान तीनों बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच जारी है और अदालत ने फिलहाल पार्टी के नियमित प्रशासनिक खर्चों के लिए निर्धारित शर्तों के साथ खातों के संचालन की अनुमति दी है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।