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PM Modi taunt Rahul Gandhi: PM मोदी के भाषण में राहुल गांधी पर तंज, स्काईरूट स्टार्टअप के युवाओं की खुलकर की तारीफ

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arvind sahu

Monday, July 20, 2026

PM Modi taunt Rahul Gandhi: PM मोदी के भाषण में राहुल गांधी पर तंज, स्काईरूट स्टार्टअप के युवाओं की खुलकर की तारीफ

PM Modi taunt Rahul Gandhi: संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंचे और मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जैसे अच्छी बारिश देश के लिए फायदेमंद होती है, वैसे ही संसद का मानसून सत्र भी तभी सार्थक होता है जब सभी सांसद सक्रिय होकर जनहित के मुद्दों पर चर्चा करें। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह सत्र सकारात्मक माहौल में चलेगा और देश के विकास से जुड़े अहम फैसलों का रास्ता खोलेगा। उन्होंने प्रार्थना की कि इस बार का मानसून और संसद का यह सत्र, दोनों ही देश के उज्ज्वल भविष्य और जनता के कल्याण के लिए लाभदायक साबित हों।

राहुल गांधी के ऊपर व्यंग्य ने ध्यान खींचा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन में युवाओं की तारीफ के दौरान कही गई एक पंक्ति ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, "मैं किसी 56 वर्षीय युवक की बात नहीं कर रहा हूं, मैं उन युवा उद्यमियों की बात कर रहा हूं जिनकी औसत उम्र 28 साल है। ऐसे सभी युवा बधाई के पात्र हैं।" प्रधानमंत्री का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया और इसे विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज के रूप में देखा जा रहा है।

दरअसल, प्रधानमंत्री 'स्काईरूट' स्टार्टअप की उपलब्धियों का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस स्टार्टअप में काम करने वाली पूरी टीम की औसत उम्र सिर्फ 28 वर्ष है और इतनी कम उम्र में इन युवाओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पीएम ने कहा कि ऐसे युवा उद्यमी देश के भविष्य की ताकत हैं और उनकी सफलता पूरे भारत के लिए गर्व की बात है।

सरकार के खिलाफ प्रर्दशन

एक ओर संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हो रही थी, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लंबे समय से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों ने संसद मार्च का आह्वान किया। तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान कई वीडियो सामने आए, जिनमें प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस, धक्का-मुक्की और तनाव का माहौल दिखाई दिया।

स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने पर अड़े रहे। उन्हें रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने सुरक्षा घेरा बनाया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई तीखी झड़प के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद उनके आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों से और अधिक समर्थन मिलता दिखाई दिया। जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों, पर्यावरण से जुड़े समूहों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी बढ़ी। सोशल मीडिया पर भी #SonamWangchuk और आंदोलन से जुड़े हैशटैग तेजी से ट्रेंड करने लगे, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन को और व्यापक बनाने की बात कही। गिरफ्तारी के बाद आंदोलन का दायरा पहले से बड़ा नजर आया और सरकार से बातचीत तथा मांगों पर जल्द फैसला लेने की आवाजें भी तेज हो गईं।