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Bhagirath Choudhary Subsidy: अपने ही मंत्रालय की योजना से कृषि राज्यमंत्री को ₹99 लाख की सब्सिडी, हितों के टकराव पर उठे सवाल

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arvind sahu

Saturday, June 27, 2026

Bhagirath Choudhary Subsidy:  अपने ही मंत्रालय की योजना से कृषि राज्यमंत्री को ₹99 लाख की सब्सिडी, हितों के टकराव पर उठे सवाल

Bhagirath Choudhary Subsidy: मोदी सरकार में केन्द्रिय कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी विवादों में घिर गए है, ऐसा पहली बार हुआ कि मोदी सरकार में किसी मंत्री को लेकर आरोप लगे हैं। दरअसल राजस्थान के भगीरथ चौधरी स्वयं किसान परिवार से आते हैं और लंबे समय से कृषि, सिंचाई, बागवानी तथा किसानों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। मंत्री बनने के बाद उनका दायित्व कृषि, बागवानी और किसान कल्याण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करना है। लेकिन जनता और किसानों के हित में काम करने वाले मंत्रीजी उस समय विवादों में घिर गए जब उन्होनें अपने ही मंत्रालय से अपनी ही खेती के लिये 99 लाख की सब्सिडी का लाभ उठा लिया।

मंत्रीजी के विरोधी और विपक्ष सवाल उठा रहा है कि राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के पीह गांव स्थित अपने खीरे (ककड़ी) की व्यावसायिक खेती प्रोजेक्ट के लिए मंत्रीजी को करीब 99.6 लाख रुपये की सब्सिडी मिली। यह सब्सिडी National Horticulture Board (NHB) की Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH) योजना के तहत दी गई।


इस योजना में परियोजना लागत का 50% (अधिकतम 1 करोड़ रुपये प्रति परिवार) तक अनुदान मिलता है। यहां तक तो सब ठीक है लेकिन NHB कृषि मंत्रालय के अधीन आता है और कृषि राज्य मंत्री होने के नाते भगीरथ चौधरी NHB के पदेन (ex-officio) उपाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में वह अपने ही मंत्रालय के अधीन चलने वाली योजना का लाभ कैसे उठा सकते हैं क्या यह हितों का ठकराव नहीं?

आवेदन और उसे मिलने वाली मंजूरी को लेकर भी सवाल

सत्य हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री भगीरथ चौधरी के परिवार ने इस योजना के तहत पहली बार आवेदन नहीं किया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2018 में भी परिवार की ओर से इसी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से वह खारिज हो गया था। इसके बाद 15 अप्रैल 2025 को दोबारा आवेदन किया गया और महज 14 दिनों के भीतर, 29 अप्रैल 2025 को परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई। आगे 11 मार्च 2026 को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई और 30 मार्च 2026 को करीब 99.03 लाख रुपये की सब्सिडी संबंधित बैंक खाते में जारी कर दी गई। रिपोर्ट में इस पूरी प्रक्रिया की समय-सीमा और मंत्री के अपने ही मंत्रालय के अधीन संचालित योजना से लाभ मिलने को लेकर हितों के टकराव (Conflict of Interest) के सवाल उठाए गए हैं।