भरत तिवारी एनकाउंटर: न्यायिक जांच पर सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा बयान
arvind sahu
Friday, June 26, 2026

अपराध। बिहार सरकार पर सिर्फ तमंचा लहराने के आरोप में कथित एनकाउंटर किए जाने के मामले को लेकर काफी किरकिरी हुई है। यह मामला इतना अधिक बढ़ गया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से इस कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर भाजपा के साथ-साथ बिहार पुलिस पर भी सवाल उठने लगे। बिहार के मुख्यमंत्री की चुप्पी को लेकर भी विपक्ष ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। हालांकि, अब बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा बयान दिया है। सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भोजपुर की घटना पर सरकार ने तुरंत न्यायिक जांच आयोग का गठन किया, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हत्या का मुकदमा दर्ज
भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में उनकी मां आशा देवी की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। उनके आवेदन पर शाहपुर थाने में तत्कालीन जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, शाहपुर थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद जांच के दौरान अब तक पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। इनमें तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार, एएसआई अंकित आर्यन, एएसआई हरिश्चंद्र कुमार, एएसआई रामाशंकर यादव और महिला सिपाही मीरा कुमारी के नाम शामिल हैं। बता दें कि पूरे मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले को लेकर जमकर हुई राजनीति
इस पूरे मामले को लेकर राजनीति भी जमकर हुई। उत्तर प्रदेश में भी इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्हें कथित तौर पर इस एनकाउंटर का समर्थन करते हुए दिखाया गया। हालांकि, यह वीडियो काफी पुराना बताया जा रहा है और इसका भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से कोई संबंध नहीं है। दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो को केवल राजनीतिक द्वेष के चलते वायरल किया जा रहा है।

वहीं, इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा, "आप जनता की हत्या कर रहे हैं, यह राजा के लिए पाप है। ऐसे में जनता राजा को पापी कहेगी। राजा बड़ा पापी है, जो निर्दोष जनता को मारे डाल रहा है। शरण में आए हुए लोगों को कभी नहीं मारना चाहिए। अगर कोई बहुत बड़ा अपराधी या आतंकवादी होता, तो उसे मारने पर कोई आपत्ति नहीं थी।"