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Sting Energy Drink Ban: बच्चों की सेहत को लेकर बड़ा कदम, स्कूलों के 500 मीटर दायरे में Sting पर रोक

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arvind sahu

Saturday, July 4, 2026

Sting Energy Drink Ban: बच्चों की सेहत को लेकर बड़ा कदम, स्कूलों के 500 मीटर दायरे में Sting पर रोक

Sting Energy Drink Ban: एनर्जी ड्रिंक के नाम से बाजार में बिकने वाला पेय पर्दाथ Sting को लेकर एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है चूंकि यह बच्चों के ज्यादा बहुत अधिक पीने वाले पेय पर्दाथ है तो खबर भी बच्चों से जुड़ी हुई हैं। दरअसल महाराष्ट्र सरकार ने इस पेय पदार्थ की स्कूलों के समीप बिक्री में पूर्णता बैन लगा दी है। बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी हैल्थ के मद्देनजर राज्य सरकार खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने इस पेय पर्दाथ को स्कूल से 500 मीटर के अंदर में बिक्री को रोक लगा दी है यानि अब एनर्जी ड्रिंक को स्कूल के समीप बेचने पर कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।

बच्चों को बताए जाएंगे एनर्जी ड्रिंक्स के दुष्प्रभाव

इसे लेकर जल्द राज्य सरकार स्कूलों में एनर्जी ड्रिंक के दुष्प्रभाव संबधित कार्यक्रम चलाने के लिये एक नोटिफिकेशन निकाल सकता है। इस संबंध में मंत्री ने बताया कि इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही राज्य के सभी स्कूलों को भी छात्रों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को एनर्जी ड्रिंक्स के अधिक सेवन से होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिमों और संतुलित खानपान के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।

नियमों का सख्ती से पालन

एफडीए मंत्री नरहरि झिरवाल ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सरकार किसी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्कूल के 500 मीटर के दायरे में स्टिंग एनर्जी ड्रिंक या किसी अन्य नशीले पदार्थ की बिक्री होती पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदारों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि स्कूलों के आसपास सुरक्षित माहौल बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्टिंग जैसी एनर्जी ड्रिंक्स में आमतौर पर कैफीन और शुगर की मात्रा अधिक होती है। इनका बार-बार या अधिक मात्रा में सेवन करने से बच्चों और किशोरों में नींद की कमी, घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना, रक्तचाप बढ़ना और एकाग्रता प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती उम्र के बच्चों के लिए नियमित रूप से एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन उचित नहीं माना जाता। उनका सुझाव है कि प्यास बुझाने या ऊर्जा के लिए पानी, दूध, ताजे फलों का रस और संतुलित आहार जैसे स्वस्थ विकल्पों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।