आम और फिटनेस: क्या यह वेट लॉस में दुश्मन है या दोस्त?
arvind sahu
Tuesday, June 30, 2026

Mango and Weight Loss: गर्मी के मौसम में फलों के राजा आम खाना किसे पसंद नहीं है। आम एक ऐसा फल है, जिसका खट्टा-मीठा स्वाद लगभग हर उम्र के लोगों को आकर्षित करता है। आम की अलग-अलग किस्मों का स्वाद भी अलग होता है, लेकिन जब फिटनेस और वजन की बात आती है तो कई लोग इसे खाने से बचने लगते हैं। इसकी वजह यह आम धारणा है कि आम खाने से वजन बढ़ता है। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा है, या यह सिर्फ एक मिथक है? आइए जानते हैं विशेषज्ञों की राय।
क्या आम खाने से सच में बढ़ता है वजन?
केवल आम खाने से वजन नहीं बढ़ता। वजन बढ़ने का मुख्य कारण शरीर द्वारा जरूरत से अधिक कैलोरी का सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी होती है। यदि आप संतुलित मात्रा में आम खाते हैं और पूरे दिन की कुल कैलोरी का ध्यान रखते हैं, तो इससे वजन बढ़ने की संभावना नहीं होती। एक मध्यम आकार के आम में लगभग 120 से 150 कैलोरी होती हैं। इसमें प्राकृतिक शर्करा (नेचुरल शुगर) होती है, जो शरीर को ऊर्जा देती है। यह प्रोसेस्ड मिठाइयों या अधिक शक्कर वाले खाद्य पदार्थों की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता है।
विशेषज्ञों की राय
क्या आम खाने से वजन बढ़ता है? विशेषज्ञ इस मिथक का खंडन करते हैं। उनका कहना है कि वजन बढ़ने से आम का संबंध तथ्य से अधिक मिथक है, खासकर जब यह समझ लिया जाए कि आम का सेवन कितनी मात्रा में किया जाना चाहिए।
एक मीडिया रिपोर्ट में पोषण विशेषज्ञ अमिता गडरे के हवाले से बताया गया है कि अकेले आम खाना समस्या नहीं है। वह बताती हैं कि आम मध्यम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाला फल है, जिसका जीआई 51 से 60 के बीच होता है। कैलोरी के लिहाज से भी यह उतना भारी नहीं है, जितना कि कई लोग मानते हैं। उदाहरण देते हुए वह कहती हैं कि एक आम में वड़ा पाव की तुलना में कम कैलोरी होती है, जबकि एक वड़ा पाव में आमतौर पर 200 से 350 कैलोरी होती हैं। इसके साथ ही आम फाइबर से भी भरपूर होता है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने, ऊर्जा देने और पाचन को बेहतर बनाने में सहायक होता है।
हमारे पूर्वजों की मान्यता और आम
हमारे पूर्वजों और लोक परंपराओं में आम को लेकर कई किंवदंतियां प्रचलित हैं। भारत में आम केवल एक फल नहीं, बल्कि संस्कृति, आस्था और लोकजीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। लोक परंपराओं में आम को शुभ, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों में आम के पत्तों का तोरण घर के द्वार पर बांधने की परंपरा आज भी प्रचलित है, जिसे सकारात्मक ऊर्जा और मंगल का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आम के बौर को प्रेम और नवजीवन का प्रतीक माना गया है, जबकि कई क्षेत्रों में मौसम का पहला पका हुआ आम भगवान को अर्पित करने के बाद ही खाने की परंपरा है।

इसी तरह एक लोकप्रिय लोकधारणा यह भी रही है कि अधिक आम खाने से वजन बढ़ता है। हालांकि, आधुनिक पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी तरह सही नहीं है। उनका कहना है कि वजन बढ़ना या घटना व्यक्ति की कुल कैलोरी, खान-पान की आदतों और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है, केवल आम खाने पर नहीं।
अगली बार यदि कोई आपसे कहे कि आम खाने से वजन बढ़ता है, तो घबराइए नहीं। बस संतुलित मात्रा में आम का सेवन करें और नियमित शारीरिक गतिविधियां जारी रखें। फलों का राजा आम स्वाद के साथ-साथ एक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प भी है।