सेहत के लिए वरदान या नुकसान? लोहे की कड़ाही पर डॉक्टरों की अहम सलाह
arvind sahu
Thursday, June 25, 2026

स्वास्थ्य। बिगड़ते मौसम में लोगों को अब खानपान से जुड़े विषयों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि अच्छा खानपान बेहतर सेहत की निशानी माना जाता है। हालांकि, पिछले कुछ दशकों में भारत सहित दुनियाभर में खानपान और रहन-सहन के तरीकों में काफी बदलाव देखने को मिले हैं। जहां पहले गाय के गोबर से बने कंडों और लकड़ियों पर खाना बनाने का प्रचलन था, वहीं अब यह सफर केरोसीन स्टोव से होते हुए एलपीजी गैस और इंडक्शन (इलेक्ट्रिक चूल्हे) तक पहुंच चुका है। खाना बनाने के बर्तनों में भी समय के साथ कई बदलाव आए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोहे की कड़ाही में बना खाना सेहत के लिए उतना ही फायदेमंद हो सकता है, जितना अनार का सेवन करना? सुनने में यह बात थोड़ी अटपटी लग सकती है, लेकिन कई स्वास्थ्य रिपोर्टों में इस बात की पुष्टि की गई है कि लोहे के बर्तनों में बना भोजन शरीर में आवश्यक आयरन की कमी को पूरा करने में मदद करता है।
लोहे के बर्तन में खाने के फायदे
लोहे की कड़ाही में भोजन पकाने से खाने में स्वाभाविक रूप से आयरन की मात्रा बढ़ सकती है, जो शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। आयरन रक्त में ऑक्सीजन के संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और थकान की समस्या कम हो सकती है। इसके नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूती मिलती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लोहे के बर्तनों में तैयार भोजन आयरन की कमी से होने वाली समस्याओं, विशेषकर एनीमिया, के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा, ऐसा भोजन शरीर को लंबे समय तक सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी खनिजों की उपलब्धता बढ़ाने में भी योगदान दे सकता है।
लोहे के बर्तनों में खाने को लेकर विशेषज्ञों की राय
लोहे के बर्तनों के स्वास्थ्य लाभों को लेकर कई वैज्ञानिक अध्ययनों में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। एक शोध में विभिन्न खाद्य पदार्थों को लोहे के बर्तनों में पकाकर उनकी पोषण संरचना का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि अधिकांश खाद्य पदार्थों में पकाने के बाद आयरन की मात्रा पहले की तुलना में अधिक हो गई। इससे संकेत मिलता है कि लोहे के बर्तनों में भोजन तैयार करने से खाने में प्राकृतिक रूप से आयरन की उपलब्धता बढ़ सकती है।

वहीं, बच्चों पर किए गए एक अन्य अध्ययन में यह देखा गया कि नियमित रूप से लोहे के बर्तनों में तैयार भोजन का सेवन करने वाले बच्चों में आयरन की कमी और एनीमिया का खतरा अपेक्षाकृत कम पाया गया। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह तरीका विशेष रूप से उन क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकता है, जहां आयरन की कमी एक आम स्वास्थ्य समस्या है।
सावधानी बरतने की जरूरत
हालांकि लोहे की कड़ाही में खाना पकाने के कई स्वास्थ्य लाभ बताए जाते हैं, लेकिन इसका उपयोग हर व्यक्ति के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं हो सकता। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों के शरीर में पहले से ही आयरन की मात्रा अधिक है या जो हीमोक्रोमैटोसिस (शरीर में अत्यधिक आयरन जमा होने की स्थिति) जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं, उन्हें लोहे के बर्तनों का अत्यधिक उपयोग करने से बचना चाहिए। अधिक आयरन शरीर के विभिन्न अंगों, विशेषकर लिवर और हृदय, पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।