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Hans Raj Hans New Song: धार्मिक गीत 'ओहदियां खेड़ा' के साथ श्रोताओं के बीच आएंगे पद्मश्री हंसराज हंस

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arvind sahu

Friday, July 3, 2026

Hans Raj Hans New Song: धार्मिक गीत 'ओहदियां खेड़ा' के साथ श्रोताओं के बीच आएंगे पद्मश्री हंसराज हंस

जे.के. बत्ता, न्यू चंडीगढ़ (खरड़)। अपनी सुरीली और भावपूर्ण आवाज़ से करोड़ों श्रोताओं के दिलों में खास पहचान बनाने वाले पद्मश्री हंसराज हंस एक बार फिर नए आध्यात्मिक गीत 'ओहदियां खेड़ा' के साथ दर्शकों और श्रोताओं के बीच आने जा रहे हैं। इस गीत को आनंद रिकॉर्ड्स प्रस्तुत कर रहा है, जबकि इसके बोल प्रसिद्ध गीतकार संजीव आनंद ने लिखे हैं।

बताया जा रहा है कि 'ओहदियां खेड़ा' श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत एक विशेष प्रस्तुति है। संगीत प्रेमियों के बीच इस गीत को लेकर पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है और इसे वर्ष के चर्चित आध्यात्मिक गीतों में से एक माना जा रहा है।

अपने इस नए गीत के बारे में जानकारी साझा करने और इसके निर्माण से जुड़े अनुभवों को बताने के लिए पद्मश्री हंसराज हंस पत्रकारों से रू-ब-रू होंगे। इस दौरान गीत की विशेषताओं, इसके संदेश और आगामी संगीत परियोजनाओं पर भी चर्चा किए जाने की संभावना है।

भक्ति संगीत की दुनिया का एक प्रतिष्ठित नाम

हंसराज हंस लंबे समय से सूफी और भक्ति संगीत की दुनिया का एक प्रतिष्ठित नाम रहे हैं। अपनी मधुर और भावपूर्ण गायकी से उन्होंने न केवल पंजाबी संगीत को नई पहचान दिलाई, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक गीतों के माध्यम से भी करोड़ों श्रोताओं का दिल जीता है। 'दमादम मस्त कलंदर', 'मेरा पीर जाने मेरी पीर', 'अज्जा वे माहिया' जैसे लोकप्रिय गीतों के अलावा उन्होंने गुरबाणी, सूफी कलाम और भक्ति संगीत की अनेक प्रस्तुतियों को (Hans Raj Hans New Song) अपनी आवाज़ दी है।


उनके आध्यात्मिक गीत आज भी श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। 'ओहदियां खेड़ा' इसी कड़ी में उनकी एक नई आध्यात्मिक प्रस्तुति है, जिससे एक बार फिर श्रोताओं को भक्ति और सूफियाना रंग का अनूठा संगम सुनने को मिलेगा।

पद्मश्री सम्मान से नवाजे जा चुके हैं हंसराज हंस

भारतीय लोक, सूफी और भक्ति संगीत में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2008 में हंसराज हंस को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से सम्मानित किया था। यह सम्मान उन्हें संगीत के क्षेत्र में उनके लंबे और उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। दशकों से अपनी अनूठी गायकी के माध्यम से देश-विदेश में भारतीय और पंजाबी लोक-संगीत को नई पहचान दिलाने वाले हंसराज हंस आज भी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।