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Investment Fraud India: पूर्व सांसद का बेटा बनकर 250 कारोबारियों से 3 करोड़ की ठगी, नेपाल भागने से पहले गिरफ्तार

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arvind sahu

Monday, June 29, 2026

Investment Fraud India: पूर्व सांसद का बेटा बनकर 250 कारोबारियों से 3 करोड़ की ठगी, नेपाल भागने से पहले गिरफ्तार

Investment Fraud India: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ठग ने फर्जी कंपनी के नाम पर करीब 250 कारोबारियों से 3 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। इसके लिए आरोपी ने एक पूर्व जनप्रतिनिधि के नाम का सहारा लेकर फर्जी पहचान बनाई। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपीसच्चिदानंद भोई (51)का उपनाम पूर्व सांसद कृपासिंधु भोई से मिलता था। इसी बात का फायदा उठाकर उसने लोगों का भरोसा जीता। आरोपी ने स्वयं को पूर्व सांसद का पुत्र बताकर लोगों को धोखे में रखा और एक कंपनी खोलकर घर-घर कार मरम्मत सेवा उपलब्ध कराने के नाम पर फ्रेंचाइजी देने की योजना शुरू की। उसने निवेशकों को भारी मुनाफे का झांसा दिया, जिसके चलते लोगों ने लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई उसके हवाले कर दी।

शिकायत के बाद आरोपी की तलाश

ठगी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार इन्फोसिटी थाना पुलिस ने फरार आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे दार्जिलिंग जिले के खारीबाड़ी थाना क्षेत्र से दबोच लिया। आरोपी की पहचान बरगढ़ जिले के रहने वाले सच्चिदानंद भोई (51)के रूप में हुई है। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि आरोपी ने करीब 250 निवेशकों से लगभग 3 करोड़ रुपये की ठगी की है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी के सात अन्य मामले दर्ज हैं, जिनमें छह मामले भुवनेश्वर और एक मामला झारसुगुड़ा जिले में लंबित है। झारसुगुड़ा की अदालत ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी जारी कर रखा था। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और उसके पूरे नेटवर्क, ठगी की रकम के इस्तेमाल तथा इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित पीड़ितों और सहयोगियों का पता लगाने में जुटी है।

कर्मचारियों के वेतन का भी गबन

आरोपी ने सिर्फ कारोबारियों को ही नहीं ठगा, बल्कि अपनी फर्जी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन भी नहीं दिया। कर्मचारियों के अनुसार, आरोपी ने अचानक अपना कार्यालय बंद कर दिया और उनकी सैलरी दिए बिना फरार हो गया। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने केवल इतने ही लोगों से ठगी की है या उसके जाल में और भी लोग फंसे हैं।