ड्रोन, स्नाइपर और CCTV के सुरक्षा घेरे में होगी अमरनाथ यात्रा
arvind sahu
Thursday, June 25, 2026

जम्मू कश्मीर। हिंदू धर्म की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक अमरनाथ की यात्रा इसबार कड़ी चौकसी में पूर्ण की जायेंगी। हमेशा की तरह आतंकियों से शिवधाम पहुंचने के लिये देश के अलग- अलग हिस्सों से आएं श्रध्दालुओं की सुरक्षा का जिम्मा भारतीय सैनिकों और पुलिस के हाथों में होगा। इसी क्रम में जो जानकारी निकलकर सामने आई है अंनतनाग पुलिस ने यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न करवाने के लिये कड़ी तैयारी कर ली है और इस बार यात्रा के लिए प्रोजेक्ट हॉक आई' शुरू किया है। यह एक व्यापक निगरानी और सुरक्षा पहल है, जिसका मकसद पूरी यात्रा के दौरान जमीन से लेकर आसमान तक चौबीसों घंटे नज़र रखना है।
ड्रोन से होगी 24 घंटे निगरानी
श्री अमरनाथ यात्रा अक्सर देशविरोधी और आतंकी तत्वों के निशाने पर रही है। भारत के दुश्मन देश और आतंकवादी संगठन समय-समय पर इस पवित्र यात्रा को बाधित करने तथा शांति भंग करने की साजिशें रचते रहे हैं। हालांकि, भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस की सतर्क निगरानी तथा कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते ऐसे मंसूबे हमेशा नाकाम साबित हुए हैं।

इस वर्ष भी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए अनंतनाग पुलिस ने आधुनिक तकनीक और रणनीतिक रूप से तैनात सुरक्षा बलों के सहयोग से बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर्ड) निगरानी तंत्र तैयार किया है। हवाई निगरानी को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर 5 ड्रोन यूनिट्स तैनात की जा रही हैं, जो रियल-टाइम मॉनिटरिंग के जरिए सुरक्षा एजेंसियों को हर गतिविधि की तत्काल जानकारी उपलब्ध कराएंगी।
संवेदनशील स्थानों पर 28 मचान मोर्चे स्थापित
एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, यात्रा मार्ग पर स्थापित हवाई निगरानी तंत्र सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अचानक उत्पन्न होने वाली स्थिति की तत्काल जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिससे जमीनी स्तर पर तैनात बल तेजी से प्रतिक्रिया दे सकेंगे। वहीं, निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से 28 मचान मोर्चे स्थापित किए गए हैं। ऊंचाई पर बने ये निगरानी पोस्ट सुरक्षा कर्मियों को व्यापक क्षेत्र पर नजर रखने और किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन करने में मदद करेंगे।
स्नाइपर टीमें भी तैनात
ऐसी कोई भी संवेदनशील स्थिती न पैदा हो जो यात्रियों की सुरक्षा में खतरा पैदा करें ऐसी स्थिती को निपटने के चुनिंदा जगहों पर 22 खास तौर पर प्रशिक्षित स्नाइपर टीमें भी तैनात की गई हैं। जो पूरी यात्रा में चलने वाली गतिविधियों में निगाहें रखेंगे। इसके अतिरिक्त यात्रा क्षेत्र के मार्ग पर अहम जगहों पर 416 हाई-रिज़ाल्यूशन सीसीटीवी कैमरे और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम लगाए गए हैं।
जुलाई से पहलगाम और बालटाल यात्रा शुरू
श्री अमरनाथ की पवित्र यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है। यह यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त को संपन्न होगी। पहलगाम और बालटाल मार्ग से संचालित होने वाली इस यात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों शिव भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल Manoj Sinha ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस द्वारा की गई सुरक्षा तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी के लोग श्रद्धालुओं के स्वागत और उनकी सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, जिससे यात्रा का आयोजन शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न कराया जा सके।