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दिल्ली सरकार की तिजोरी भरने लगी! शराब बिक्री से तीन महीने में 1,038 करोड़ रुपये का मुनाफा

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arvind sahu

Friday, June 26, 2026

दिल्ली सरकार की तिजोरी भरने लगी! शराब बिक्री से तीन महीने में 1,038 करोड़ रुपये का मुनाफा

व्यापार। देश की राजधानी दिल्ली में शराब और उससे जुड़े विवाद हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान शराब ठेकों के लाइसेंस को लेकर चर्चा में रही दिल्ली एक बार फिर खबरों में है। हालांकि, इस बार वजह विवाद नहीं, बल्कि शराब बिक्री से सरकारी खजाने में हुई रिकॉर्ड कमाई है। बीते तीन महीनों में दिल्ली सरकार ने शराब बिक्री से 1,038 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।

आबकारी विभाग के प्रारंभिक आंकड़ों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शराब बिक्री से सरकार को करीब 1,038 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में दर्ज 885 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी दुकानों पर विभिन्न शराब ब्रांडों की बेहतर उपलब्धता और बिक्री में बढ़ोतरी इस राजस्व वृद्धि की प्रमुख वजहों में शामिल है।

दिल्ली छोड़कर आसपास के राज्यों से खरीदते थे शराब

राजधानी के कई सुराप्रेमी पहले दिल्ली के बजाय हरियाणा और उत्तर प्रदेश से शराब खरीदना पसंद करते थे, क्योंकि दिल्ली में कई लोकप्रिय और प्रीमियम ब्रांड आसानी से उपलब्ध नहीं होते थे। हालांकि, अब आबकारी विभाग ने दिल्ली की सरकारी दुकानों पर विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड उपलब्ध कराने शुरू कर दिए हैं।

इसका असर यह हुआ है कि नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहरों से शराब खरीदने जाने वालों की संख्या में कमी आई है। दिल्ली के सरकारी ठेकों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की हिस्सेदारी बढ़कर 54 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि पिछले वर्ष यह केवल 24 प्रतिशत थी।

नए मॉडर्न वॉक-इन स्टोर शुरू

दिल्ली में सुराप्रेमियों को शराब तक आसान और सुव्यवस्थित पहुंच उपलब्ध कराने तथा कीमतों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने शहर के विभिन्न इलाकों में नए मॉडर्न वॉक-इन स्टोर शुरू किए हैं। इन स्टोर्स का संचालन चार सरकारी एजेंसियां- DSSIDC, DTTDC, DSCSC और DCCWS कर रही हैं। इनका उद्देश्य ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ शराब की बिक्री व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाना है।

वर्तमान में 700 से अधिक शराब की दुकानें

दिल्ली में वर्तमान समय में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त शराब की दुकानों की संख्या 700 से अधिक है। इनके अलावा राजधानी के विभिन्न इलाकों में क्लबों और रेस्तरां के माध्यम से भी शराब की आपूर्ति की जाती है, जिनकी संख्या लगभग 900 बताई जाती है। इन सभी माध्यमों से होने वाली बिक्री को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी राजस्व का लक्ष्य 7,200 करोड़ रुपये निर्धारित किया है। इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में कुल आबकारी राजस्व संग्रह लगभग 7,148 करोड़ रुपये रहा था।